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  • मैं और तुम

    उस दिन
    मेरे घर से निकलते ही बंटू छींका
    थोड़ा आगे गया तो बिल्ली ने रास्ता काटा

    मैं ये सब मानता न था सो चलता रहा
    उसी दिन मेरी तुमसे पहली मुलाक़ात हुई

    अब मैं कट्टर अंध विश्वासी हूँ

    4 Comments

    1. Comment by अनूप शुक्ल on March 23, 2008 2:41 pm

      चलो कुछ पता चला!

    2. Comment by Rohit Tripathi on March 24, 2008 8:17 am

      acha likha aapne :-)

    3. Comment by महावीर on March 24, 2008 4:30 pm

      बंटू और बिल्ली ने तो सावधान कर दिया था, चलो अब अनुभव हो गया। आगे बंटू तो क्या मख्खी भी छींके तो सावधान रहना।

    4. Comment by rajni bhargava on March 25, 2008 6:41 pm

      अच्छी सोच है।

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