नोट - नीरज त्रिपाठी
नोट
कुछ नोट
जिन्हें देख रिक्शे वाले,खोमचे वाले
कहते हैं
बहुत बड़ा नोट है बाबू टूटे दो
वही नोट
शराब के ठेके पर, उस विदेशी शोरूम में
लगते हैं
बहुत छोटे……….
नीरज त्रिपाठी

नोट
कुछ नोट
जिन्हें देख रिक्शे वाले,खोमचे वाले
कहते हैं
बहुत बड़ा नोट है बाबू टूटे दो
वही नोट
शराब के ठेके पर, उस विदेशी शोरूम में
लगते हैं
बहुत छोटे……….
नीरज त्रिपाठी
March 28, 2008
Categories: कविता, नीरज त्रिपाठी . . Author: नीरज त्रिपाठी . Comments: 3 Comments