महाराष्ट्र में नवनिर्माण
बस एक ध्येय बस एक लक्ष्य वो जहर उगलते जाते हैं
भावुक भोली जनता का ख़ुद को शुभचिंतक बतलाते हैं
सत्ता लोलुप घडियालों का कोई ईमान नही होता
नकारात्मक भावों का जग में सम्मान नहीं होता
निर्दोषों की लाशों पर चढ़ नवनिर्माण नहीं होता
बन रहे शेर सब आज भेडिये खूनी दांत छिपाते हैं
पूज्य शिवाजी को वो अपना आदर्श बताते [...]






