बचपन में माँ से था सुना जल देव हैं जीवन आधार
जल ही जल बस जल ही जल हर तरफ़ चीख बिलख हाहाकार
उजड़ने बहने का मौसम वीभत्स है डरावना है
कोसी के इस अभिशाप को इस कहर को मिल थामना है
खोयी हँसी खोयी खुशी सब खो गयीं बातें वहां
बह गए हैं घर बहुत अब बह रहीं आँखें [...]






