लोकपाल बिल से हुआ , उनका खस्ता हाल
आखिर अब कैसे सजे , चोरों की चौपाल
चोरों की चौपाल , कि कैसे लूटें खाएं
भ्रष्टों की लंका में, अन्ना आग लगाएँ
स्विस बैंक में जिनके खाते, इठलाते हैं
लोकपाल सुन उनको, चक्कर आ जाते हैं
नीरज त्रिपाठी
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बेहतरीन..
चलिये लोकपाल बिल के बहाने लिखना पढ़ना शुरु हुआ ।