इश्क की दुकानों में पकने लगे पकवान प्यार के परिंदे चढ़ने लगे परवान जहाँ देखो दिखे है दुनिया हरी भरी आशिक सभी बौराए देख चौदह फरवरी लेकिन हमारे लिए कैसी चौदह फरवरी काहे का वैलेंटाइन डे आज भी फुक्कड़ हैं कल भी अकेले थे लड़कियों को तो हम डाकू नजर आते हैं एक से एक [...]






